नयनों में नीर रुंधा है स्वर, भीतर-बाहर चहुं और आपकी यादों का घर...#पुण्यतिथि पर पूज्य पिताजी (बा साहब) स्व. #रणछोड़लाल_यादव_जी (झड़) के चरणों में सादर नमन वंदन......आपके पदचिन्हों पर चलकर एवं आपके दिखाएं गए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र, धर्म एवं समाज के लिए चरैवेति-चरैवेति के मंत्र को लेकर निरंतर कार्यरत हूं।#बड़नगर #barnagar #badnagar#कृष्णायादवबड़नगर #krishnayadavbarnagar लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप जून 05, 2025 और पढ़ें