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सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥#नवरात्रि के चतुर्थ दिन #माँ_कूष्माण्डा की आराधना का दिवस ..!अपने उदर में कोटि-कोटि ब्रह्मांडों को पोषित करने वाली #मां_कूष्माण्डा इस जगत की आधारभूत शक्ति हैं।#जय_माँ_अम्बे #krishnayadavbarnagar
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